‘‘वरली आर्ट पर कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यशाला’’ का आयोजन

यूसर्क एवं साहस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में आज दिनांक 18 दिसम्बर 2019 को उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) के सभागार में यूसर्क के दिव्यांग केन्द्र के अन्तर्गत ‘‘वरली आर्ट पर कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यशाला’’ का आयोजन किया गया। यूसर्क के निदेशक प्रो0 दुर्गेश पंत ने यूसर्क द्वारा स्थापित किये गये दिव्यांग केन्द्र के अन्तर्गत चल रही विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुये बताया कि यूसर्क निरन्तर दिव्यांग जनों के उत्थान एवं सशक्तीकरण हेतु पूरे प्रदेश में कार्य कर रहा है। प्रो0 पंत ने वरली आर्ट विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में आये हुये सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुये कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम निश्चित ही सभी के लिये ज्ञानवर्धक एवं उनकी बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने वाले है एवं इनकी प्रदेश में अत्यन्त आवश्यकता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खटीमा के विधायक मा0 श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने अपने सम्बोधन में बोलते हुये कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं में न केवल कौशल विकास करेंगे बल्कि इससे उनका आत्मविश्वास भी बढेगा। उन्होंने यूसर्क के निदेशक एवं समस्त वैज्ञानिकों को इस प्रकार के आयोजन के लिये शुभकामनायें दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विधायक स्वामी यतीश्वरानंद जी ने इस प्रकार के कार्यक्रमों की प्रदेश में आवश्यकता बताते हुये सहयोग प्रदान करने का आवाहन किया।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में साहस फाउंडेशन के निदेशक श्री शाहब नकवी ने इस कार्यक्रम के आयोजन के सन्दर्भ में बोलते हुये सभी विशेषज्ञों का परिचय कराया एवं इस कौशल विकास कार्यशाला के आयोजन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यशाला में जानी-मानी कलाकार श्रीमती अरूणा तोमर ने वरली आर्ट के परम्परागत इतिहास, उसके लोकव्यापीकरण होने की पूरी प्रक्रिया तथा इस आर्ट में छिपे हुये लोक विज्ञान पर समस्त जानकारी प्रदान करते हुये बताया कि यह कला महाराष्ट्र एवं गुजरात के बोर्डर पर जंगल में निवास करने वाले आदिवासी समुदाय से शहरी क्षेत्रों में लोकव्यापी हुई।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरत किये गये। कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्रीमती स्नेह छिब्बर, श्रीमती निधी आनंद, श्रीमती श्रुती, श्रीमती अंजली अग्रवाल आदि ने अपने-अपने विचार रखते हुये कार्यक्रम को सभी लोगों के लिये अत्यन्त लाभकारी बताया। इस अवसर पर यूसर्क की वैज्ञानिक श्रीमती अनुराधा ध्यानी ने अपने सम्बोधन में बोलते हुये कहा कि यूसर्क निरन्तर दिव्यांग जनों के कौशल विकास हेतु इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन समय≤ पर करता है जिससे उनमें आत्मविश्वास की वृद्धि एवं क्षमता विकास कियो जा सके।

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