उत्तराखंड ज्ञान विज्ञान अभियान

4 जनवरी, 2020- सरदार महिपाल राजेंद्र स्नातक महाविद्यालय साहिया में उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र देहरादून द्वारा उत्तराखंड ज्ञान विज्ञान अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम का संचालन डॉ पुष्पा झाबा द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं मैती आंदोलन के जनक श्री कल्याण सिंह रावत द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के बारे में छात्र छात्राओं को जानकारी दी गई ।श्री रावत ने बताया कि धीरे धीरे पिघलते हुए हिम ग्लेशियर का निकट भविष्य में बहुत गहरा प्रभाव पड़ सकता हैं l
श्री रावत द्वारा मैती आंदोलन के बारे में छात्र छात्राओं को विस्तार से बताया गया एवं उन्हें अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया गया l
कार्यक्रम में युसर्क के वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र सिंह राणा द्वारा जल गुणवत्ता का मानव स्वास्थ्य पर पढ़ने वाले विपरीत प्रभावों को विस्तार पूर्वक बताया गया उन्होंने बताया कि किस तरीके से पानी की बोतलों को दोबारा प्रयोग में लाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो रही है । श्री राणा ने प्लास्टिक के मानव जीवन पर पड़ने वाले गंभीर दुषप्रभावों के बारे में छात्रों को जानकारी दी साथ ही प्रयोगात्मक माध्यम से अमलावा नदी का स्थलीय भृमण कर स्थल पर ही जल गुणवत्ता का परीक्षण किया गया जिसकी विस्तृत जानकारी छात्र छात्राओं को प्रदान की गई ।
श्री राणा ने छात्रों को जानकारी देते हुए बताया कि हमारे द्वारा एक श्रोत, एक सप्लाई वाटर तथा अमलावा नदी की जल गुणवत्ता का परीक्षण किया गया जिसमें अमलावा नदी के पानी मे टरबीडीटी की मात्रा बहुत ज्यादा पाई गई जिसका सम्भावित कारण घरों से निकने वाला वेष्ट वाटर बताया गया जिससे स्पष्ट है कि अमलावा नदी का पानी पीने योग्य नही है।
श्री राणा ने बताया कि यूसर्क के निदेशक प्रोफेसर दुर्गेश पंत के निर्देशन में प्रदेशभर में विभिन्न वैज्ञानिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है।
कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय के चेयरमैन श्री अनिल सिंह तोमर ने धन्यवाद प्रस्ताव देकर किया गया । श्री तोमर ने यूसर्क के प्रयासों की सराहना की कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को लाभ मिलता हैl

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